
रात
हो
या दिन
बस हर पल-छिन
कहता है
मन
गिन-गिन -गिन
प्यार
के पल
गिन-
गिन
klik and enjoy the gazal
मै भला कब सुधरने वाला हूँ
दोस्तो,मैं इस ब्लाग पर अपनी प्रकाशित रचनाएं/ कविता कहानी तथा गीत आदि पोस्ट करता हूं ज़े सभी रचनाएं पुस्तक रूप में एवम अनेक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं अत: इनका कापी राइट मेरे पास है.इन्हे कहीं उद्धृत करने के लिये आप अनुमति ले सकते हैं-श्याम सखा श्याम
बहुत उम्दा!
ReplyDeleteसुंदर रचना..बधाई श्याम जी
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