
फूलों सी महकें
जीवन भर खुशियां

घर आंगन में बहकें
नव-नूतन वर्ष में सुख-सम्पदा के बरसें घन
दुख दूर कहीं छुप बैठे,प्रफ़ुल्लित हो हर्षें तन- मनं
हर सप्ताह मेरी एक नई गज़ल व एक फ़ुटकर शे‘र हेतु
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दोस्तो,मैं इस ब्लाग पर अपनी प्रकाशित रचनाएं/ कविता कहानी तथा गीत आदि पोस्ट करता हूं ज़े सभी रचनाएं पुस्तक रूप में एवम अनेक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं अत: इनका कापी राइट मेरे पास है.इन्हे कहीं उद्धृत करने के लिये आप अनुमति ले सकते हैं-श्याम सखा श्याम
आपको और आपके परिवार को नव वर्ष मंगलमय हो!
ReplyDeleteआपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये !
ReplyDeleteनव वर्ष की बहुत शुभकामनायें ...!!
ReplyDeleteआपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.
ReplyDeleteसुख आये जन के जीवन मे यत्न विधायक हो
सब के हित मे बन्धु! वर्ष यह मंगलदयक हो.
(अजीत जोगी की कविता के अंश)
फूल और मधुमक्खी बहुत अच्छे लग रहे हैं!
ReplyDeleteनया वर्ष हो सबको शुभ!
जाओ बीते वर्ष
नए वर्ष की नई सुबह में
महके हृदय तुम्हारा!